ब्यूरो रिपोर्ट,
त्रिवेणीगंज/सुपौल:
त्रिवेणीगंज नगर परिषद कार्यालय के पास बघला मोड़ पर एनएच-327ई पर सोमवार की दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब अररिया से सुपौल जा रही ‘ज्वालामुखी’ नामक मिनी बस (नं. BR-19D-3423) सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में पलट गई। इस हादसे में एक यात्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतक की पहचान महेशुआ पंचायत, वार्ड नं. 11 निवासी संतोष राम (उम्र 35) के रूप में हुई है, जो अपनी पत्नी मंजू देवी (उम्र 30) को इलाज के लिए सुपौल ले जा रहे थे। दुर्भाग्यवश, इलाज से पहले ही रास्ते में उनकी जान चली गई, जबकि मंजू देवी गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।
हादसे में घायल यात्रियों में शामिल हैं:
राजा कुमार (26), बघेली, जदिया थाना क्षेत्र
कृष्ण कुमार (26) और सरस्वती कुमारी (16), दीना पट्टी, पिपरा
अजय कुमार (21), हटवारिया, पिपरा
शहानी खातून (40), जगतपुर, सुपौल
रवीना खातून और उनका छह वर्षीय पुत्र मो. अरसद – जो बस के नीचे दब गए थे लेकिन पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता से सुरक्षित निकाले गए।
बच्चे के रोने की आवाज सुनकर मौके पर मौजूद लोगों का दिल पसीज गया और भीड़ में सन्नाटा छा गया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीपीओ विभाष कुमार, थानाध्यक्ष राकेश कुमार, सीओ प्रियंका सिंह और आरओ राकेश कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को तत्क्षण अस्पताल भिजवाया। जहां कई लोग मोबाइल से वीडियो बना रहे थे, वहीं पुलिसकर्मी अपने हाथों से घायलों को एंबुलेंस तक लेकर पहुंचे — यह दृश्य मानवता की असली तस्वीर बन गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएच-327ई की सड़कें लंबे समय से खस्ताहाल हैं और गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे हादसे आम हो गए हैं। विभाग की अनदेखी के कारण लोगों की जान पर बन आई है।
घटना के विरोध में स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों ने अस्पताल के समीप एनएच 327 ई को डेढ़ घंटे तक जाम कर दिया, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया। इसी दौरान कुशहा हरिहरपट्टी की एक प्रसव पीड़िता रूपा कुमारी दर्द से तड़पती रही और परिजनों को उसे गोद में उठाकर पैदल अस्पताल ले जाना पड़ा।
मृतक संतोष राम अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। पीछे पत्नी, दो बेटे नवीन और मोनू और एक बेटी रानी को छोड़ गया है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

