चांदन/बांका:
राजस्व विभाग के आदेश के बावजूद चांदन प्रखंड के कई पंचायतों में अब तक रैयतों को जमाबंदी पंजी पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे किसानों और रैयतों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय निर्देश के अनुसार घर-घर जमाबंदी पंजी वितरण और शिविर लगाकर आवेदन निष्पादन होना था, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही से कार्य में बाधा आ रही है।
आरोप है कि चांदन प्रखंड के कर्मचारी जमाबंदी पंजी सीधे रैयतों को देने के बजाय निजी लोगों और दलालों के माध्यम से बंटवाने लगे। हंगामा होने पर निजी व्यक्तियों को दिए गए पंजी पत्र को अंचल अभिलेख भवन में वापस जमा कराया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चांदन, बिरनियां, सिलजोरी, गौरीपुर समेत अन्य पंचायतों के रैयतों को पंजी लेने के लिए बार-बार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। कई रैयतों ने आरोप लगाया कि पंचायत के कर्मचारी दलालों के सहारे ही काम कराते हैं। इससे पहले भी उन पर पैसे लेकर परिमार्जन करने और भूमि विवाद में पक्षपात करने के आरोप लग चुके हैं।
ऑनलाइन अपडेट के अनुसार 24 अगस्त तक पंचायतों में जमाबंदी पंजी का वितरण और 30 अगस्त को शिविर लगाकर आवेदन लेने का कार्यक्रम तय था, लेकिन अभी तक वितरण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
इस संबंध में अंचलाधिकारी रविकांत कुमार ने कहा कि 30 अगस्त को आयोजित प्रथम शिविर में रैयतों को जमाबंदी पंजी प्रति उपलब्ध करा दी जाएगी और दूसरे शिविर में आवेदन जमा लेकर निष्पादन किया जाएगा।