ब्यूरो रिपोर्ट
शंभूगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी और लापरवाही को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब अस्पताल प्रशासन सख्त रुख अपनाने के मूड में है। व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और स्वास्थ्य प्रबंधक ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि रोस्टर के अनुसार निर्धारित समय से पूर्व ड्यूटी छोड़ने वाले चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की इस चेतावनी के बाद अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया है। वहीं रोगी कल्याण समिति के सदस्यों ने भी अस्पताल में आए दिन घटित घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि तीन दिन पूर्व शंभूगंज सीएचसी में रोस्टर ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. सौरभ कुमार अपने निर्धारित समय से करीब एक घंटा पहले ही अस्पताल छोड़कर चले गए थे। उस समय अस्पताल में कोई अन्य चिकित्सक मौजूद नहीं था। इसी दौरान सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल नरौन गांव का युवक रोहित कुमार इलाज के लिए करीब आधा घंटा तक तड़पता रहा। वहीं कसबा गांव निवासी संजीव पोद्दार (पिता स्व. रामस्वरूप पोद्दार) का समय पर इलाज नहीं हो पाने के कारण अस्पताल में ही निधन हो गया।
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। बाद में ड्यूटी समय से पहले पहुंचे चिकित्सक डॉ. प्रणय घोष ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
इस गंभीर घटना के बाद विभाग के वरीय अधिकारियों के निर्देश पर अस्पताल प्रशासन ने ड्यूटी छोड़कर जाने वाले चिकित्सक डॉ. सौरभ कुमार से स्पष्टीकरण मांगा है और तत्काल प्रभाव से उनका वेतन बंद कर दिया गया है, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के प्रभार में कार्यरत डॉ ,शैलेंद्र कुमार ने बताया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर जिला मुख्यालय के वरीय अधिकारियों को आगे की कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जाएगी।
वहीं शनिवार को हेल्थ मैनेजर अमित कुमार पंकज ने सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि रोस्टर के अनुसार समय से ड्यूटी करना अनिवार्य है। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही और मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन के इस कड़े रुख से अस्पताल कर्मियों में खलबली मची हुई है।
