नई दिल्ली: संसद के उच्च सदन राज्यसभा में आज ट्रांसजेंडर बिल 2026 को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। यह बिल देश में ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है।
क्या है बिल में खास?
- ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार में समान अधिकार देने का प्रावधान
- सरकारी व निजी संस्थानों में भेदभाव पर सख्त रोक
- पहचान प्रमाणन की प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रस्ताव
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार
सदन में क्या हुआ?
चर्चा के दौरान कई सांसदों ने बिल का समर्थन करते हुए इसे समावेशी समाज की दिशा में बड़ा कदम बताया। वहीं कुछ सदस्यों ने इसके कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए सुधार की मांग की।
सरकार का पक्ष
सरकार की ओर से कहा गया कि यह बिल ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्यधारा में लाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में अहम कदम है।
विपक्ष की आपत्तियां
विपक्ष ने कहा कि:
- बिल में कुछ धाराएं अस्पष्ट हैं
- जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए ठोस व्यवस्था जरूरी है
- समुदाय की सीधी भागीदारी और सुझावों को और शामिल किया जाना चाहिए
चर्चा के बाद बिल को पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि यह पास होता है, तो देश में ट्रांसजेंडर अधिकारों को लेकर एक नया कानूनी ढांचा तैयार होगा।
