रजौन,बांका:
हिंदू नववर्ष, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा और बासंतिक चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के अवसर पर रजौन क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। युगाब्द 5128 और विक्रम संवत 2083 के आगमन पर लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर नए वर्ष का स्वागत किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रजौन खंड द्वारा रविवार को भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रखंड मुख्यालय मैदान से हुई, जिसमें चार दर्जन से अधिक गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने भाग लिया। संचलन मुख्य मार्ग से होते हुए चकसपिया मोड़ और डीएन सिंह महाविद्यालय तक गया, इसके बाद पुनः मैदान पहुंचकर संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सेवानिवृत्त प्राध्यापक छविलाल यादव ने भारतीय कालगणना और हिंदू नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं स्वयंसेवक जीवनदीप ने अमृतवचन प्रस्तुत किए और अवधेश कुमार ने गीत के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
मुख्य वक्ता प्रो. राणा प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति, कालगणना की वैज्ञानिकता तथा संघ की 100 वर्षों की यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने समाज जागरण में स्वयंसेवकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए ‘पंच परिवर्तन’—सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्वावलंबन और नागरिक कर्तव्य—पर जोर दिया।
इस मौके पर जिला और खंड स्तर के कई पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
