अजय कुमार की रिपोर्ट
भागलपुर अंगएक्सप्रेस । कहलगाँव विधायक द्वारा भागलपुर जिला अंतर्गत कहलगाँव एवं आसपास के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के खेल मैदान के अभाव का मुद्दा उठाया गया। खेल विभाग के मंत्री ने उत्तर में स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं की आंशिक कमी है।सरकार ने यह भी अवगत कराया कि कहलगाँव अनुमंडल क्षेत्र में ताड़र में आउटडोर स्टेडियम निर्माण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त युवाओं को खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु योजनाबद्ध तरीके से खेल अधोसंरचना का विस्तार किया जा रहा है। विधायक श्री मुकेश ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को उचित मंच उपलब्ध कराने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं और स्टेडियम का निर्माण क्षेत्र के युवाओं के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा।
*सामुदायिक भवन सह–वर्कशेड निर्माण संबंधी प्रश्न*
विधायक श्री मुकेश ने कहलगाँव विधानसभा क्षेत्र के सन्हौला प्रखंड अंतर्गत पंचायत पोठिया (वार्ड संख्या–9) में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्र में सामुदायिक भवन सह–वर्कशेड निर्माण की मांग उठाई। मंत्री, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग ने उत्तर में बताया कि उक्त क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी भूमि का परीक्षण किया गया है, किंतु निर्धारित मानक (50×60 वर्गफीट) के अनुरूप पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है। इस पर विधायक श्री मुकेश ने स्पष्ट किया कि वे शीघ्र ही वैकल्पिक भूमि की पहचान कराकर विभाग को प्रस्ताव उपलब्ध कराएँगे, ताकि क्षेत्र के दलित एवं वंचित समाज को सामुदायिक भवन की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता एवं सामुदायिक विकास के लिए यह भवन अत्यंत आवश्यक है। विधायक ने कहा कि वे कहलगाँव विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, युवाओं के सशक्तिकरण तथा वंचित वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध हैं और सदन के माध्यम से जनता की आवाज निरंतर उठाते रहेंगे।
मंगलवार को बिहार विधान सभा के सत्र के दौरान कहलगाँव विधानसभा क्षेत्र के विधायक शुभानंद मुकेश ने जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को शून्यकाल, ध्यानाकर्षण, निवेदन एवं याचिका के माध्यम से सदन में प्रभावी ढंग से उठाया। * *शून्यकाल: संथाली विभाग की स्थापना की माँग*
विधायक श्री मुकेश ने भागलपुर एवं बांका जिलों में संथाली भाषी छात्र-छात्राओं की बड़ी आबादी का उल्लेख करते हुए तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में संथाली भाषा विभाग की स्थापना की माँग की। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति के संरक्षण एवं उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय में संथाली भाषा की पढ़ाई प्रारंभ किया जाना अत्यंत आवश्यक है। इससे आदिवासी समाज के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में समान अवसर प्राप्त होगा।
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उन्होंने राज्य में कार्यरत सैकड़ों किसान उत्पादक संगठनों को उर्वरक कंपनियों से सीधे खाद उपलब्ध कराने की माँग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में FPOs को निजी थोक विक्रेताओं पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे कालाबाजारी एवं कृत्रिम किल्लत की समस्या उत्पन्न होती है। उन्होंने बिस्कोमान की प्रभावी वितरण प्रणाली का उदाहरण देते हुए सभी निबंधित FPOs को डायरेक्ट सप्लाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने की माँग की, ताकि किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध हो सके।
*उप-स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण*
भागलपुर जिला के गोराडीह प्रखंड अंतर्गत मुरहन जमीन पंचायत के ग्राम स्वरूपचक में उप-स्वास्थ्य केंद्र भवन के अभाव का मुद्दा उठाते हुए विधायक ने बताया कि भवन नहीं होने से महिलाओं, बच्चों एवं वृद्धजनों को टीकाकरण एवं प्राथमिक उपचार में कठिनाई हो रही है। उन्होंने उपलब्ध सरकारी भूमि (खाता नं.-210, खेसरा नं.-787, रकबा-25 डिसमिल) पर शीघ्र उप-स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण कराने का सरकार से निवेदन किया।
*प्राथमिक विद्यालय भवन निर्माण*
गोराडीह प्रखंड के ग्राम पंचायत तरछा दामूचक अंतर्गत ग्राम लौगाय (वार्ड नं. 4) स्थित प्राथमिक विद्यालय कुशवाहा टोला के भवनहीन होने की गंभीर समस्या को याचिका के माध्यम से सदन के समक्ष रखा गया। विद्यालय के लिए खाता संख्या-138, खेसरा संख्या-88, 91, 92, 93, रकबा-21 डिसमिल भूमि उपलब्ध होने के बावजूद भवन निर्माण नहीं होने पर उन्होंने चिंता व्यक्त की। उन्होंने शिक्षा विभाग से शीघ्र स्वीकृति एवं वित्तीय आवंटन प्रदान कर भवन निर्माण सुनिश्चित करने की माँग की, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण मिल सके।
विधायक शुभानंद मुकेश ने कहा कि वे कहलगाँव विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे भागलपुर जिले की शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं जनजातीय हितों से जुड़े मुद्दों को सदन में निरंतर उठाते रहेंगे और जनहित के लिए संघर्षरत रहेंगे।
