वेलफेयर एसटी हॉस्टल में मना अमर शहीद तिलकामांझी की जयंती। - ANG EXPRESS NEWS

वेलफेयर एसटी हॉस्टल में मना अमर शहीद तिलकामांझी की जयंती।

अजय कुमार की रिपोर्ट। 

भागलपुर अंगएक्सप्रेस। विश्वविद्यालय क्षेत्र अवस्थित बिहार सरकार के कल्याण विभाग से संचालित राजकीय अनुसूचित जनजाति कल्याण छात्रावास संख्या-03 में बुधवार को अमर शहीद तिलकामांझी की जयंती छात्रावास अधीक्षक डॉ दीपक कुमार दिनकर की अध्यक्षता में मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता टीएनबी कॉलेज के इतिहास विभाग के हेड डॉ रवि शंकर कुमार चौधरी थे। जबकि विशिष्ट अतिथि बिहार राज्य खाद्य आयोग के सदस्य व टीएमबीयू के सिंडीकेट सदस्य महादेव मंडल थे।

मौके पर छात्रावास अधीक्षक सहित सभी अतिथियों ने अमर शहीद तिलकामांझी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित और दीप प्रज्वलित कर उन्हें याद किया।छात्रावास अधीक्षक डॉ दीपक कुमार दिनकर ने कहा की अमर शहीद तिलकामांझी त्याग, बलिदान और संघर्ष के पर्याय थे। अंग्रेजों के जुल्म और अन्याय के खिलाफ उन्होंने क्रांति का बिगुल फूंका था। तिलकामांझी की वीर गाथा को पाठ्यक्रमों में उचित जगह मिलनी चाहिए ताकि छात्र-नौजवान सहित आम जन उनके व्यक्तित्व व कृतित्व से अवगत हो सकेंगे।

मौके पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता डॉ रवि शंकर कुमार चौधरी ने कहा की अमर शहीद तिलका मांझी का नाम उपनिवेशी ईस्ट इंडिया कंपनी की दमनकारी नीतियों को चुनौती देने वाले प्रारंभिक क्रांतिकारी में आता है। उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के 65 वर्षों से भी पहले 1770-1785 में भागलपुर और राजमहल के क्षेत्र में विद्रोह का परचम लहराते हुए भागलपुर के तत्कालीन कलेक्टर आगस्टस क्लीवलैंड को अपने तीर का निशाना बनाया था‌।

भारत और खासकर बिहार-झारखंड में आदिवासी संघर्ष, बलिदान एवं आंदोलन पर गंभीर विवेचना करने वाले ललिता प्रसाद विद्यार्थी, डॉ. एस. के. सिंह, एम. एल.विद्यार्थी, ऑथर एक्का, बकलैंड, डी. किस्कू, डॉ.डी.एन.वर्मा तथा मैग्सेसे अवार्ड से सम्मानित राजेंद्र प्रसाद सिंह, प्रसिद्ध उपन्यासकार एवं लेखिका महाश्वेता देवी सहित स्थानीय भागलपुर के वरीय पत्रकार राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने तिलका मांझी के संघर्ष और योगदान को खासी अहमियत अपने कृतियों में दी है।

महादेव मंडल ने कहा की तिलकामांझी की वीर गाथा और संघर्ष की याद को को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है।

छात्रों ने हॉस्टल परिसर में अमर शहीद तिलकामांझी की प्रतिमा स्थापित करने की मांग कल्याण विभाग के अधिकारियों से की।

इस मौके पर हॉस्टल के छात्र नीतीश कुमार, गौतम कुमार, बाबू लाल मरांडी, सौरभ कुमार, श्रवण कुमार सहित सभी अधिवासी उपस्थित थे।

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