ब्यूरो रिपोर्ट
सन्हौला प्रखंड अंतर्गत बडीनाकी पंचायत के धनौरी गांव में असामाजिक तत्वों द्वारा खलिहान में रखी धान की तैयार फसल में आग लगाए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना में करीब 10 बीघा यानी लगभग पांच एकड़ धान की फसल जलकर राख हो गई, जिससे पीड़ित किसानों को दो लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार गांव से करीब 500 मीटर दूर बहियार में पोखर के पास खलिहान में रखे धान में देर रात करीब तीन बजे आग लगाई गई। आग की जानकारी ग्रामीणों को सुबह करीब छह बजे मिली। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक पूरी फसल जलकर नष्ट हो चुकी थी।
इस घटना के बाद पीड़ित किसान परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल आग लगाने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान नहीं हो सकी है। बताया गया कि जानबूझकर धान की फसल में आग लगाई गई, जिससे चार सखुआ के पेड़ भी जलकर क्षतिग्रस्त हो गए।
बडीनाकी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विनय कुमार साह ने बताया कि आग रात करीब तीन बजे लगाई गई होगी, क्योंकि सुबह तक पूरी फसल जल चुकी थी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने रात में आते-जाते खलिहान में आग लगी देखी, जिसके बाद ग्रामीणों को इसकी सूचना दी गई।
उन्होंने बताया कि चार गरीब किसान परिवार जलधर मंडल, शिवलाल मंडल, संजय मंडल और राजेश मंडल ने मिलकर कटाई के बाद अपनी धान की फसल पोखर के किनारे एकत्र कर रखी थी। सभी किसान आर्थिक रूप से कमजोर हैं और इस घटना से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ित किसान जलधर मंडल ने बताया कि दो दिन पहले ही सभी किसानों ने अपनी धान की फसल खलिहान में एकत्र की थी। उन्होंने कहा कि सालभर की कड़ी मेहनत के बाद फसल बेचकर कर्ज चुकाने की उम्मीद थी, लेकिन आपसी दुश्मनी के कारण असामाजिक तत्वों ने खलिहान में आग लगा दी, जिससे पूरी फसल जलकर राख हो गई।
पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों की पहचान करते हुए उचित मुआवजा देने की मांग की है।
