ब्यूरो रिपोर्ट
फुल्लीडुमर,बांका:
प्रखंड सभागार में सोमवार को पंचायत समिति की सामान्य बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख गौतम प्रकाश ने की, जबकि उपप्रमुख बेनीशंकर यादव, बीडीओ अमित प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, पंचायत समिति सदस्य एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, सड़क, आवास, मनरेगा, कृषि तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान पंचायत समिति सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं को सदन के समक्ष रखा और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया।
पथड्डा पंचायत के मुखिया संतोष कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता तथा पैक्स अध्यक्षों द्वारा किसानों से धान खरीद में गड़बड़ी की शिकायत की। वहीं तेलिया पहाड़ पंचायत के मुखिया ने भूमि सर्वे कार्य में व्यापक अनियमितता का मुद्दा उठाया।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, छात्र उपस्थिति, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता एवं विद्यालय भवनों की स्थिति पर चर्चा हुई। सदस्यों ने बताया कि कई विद्यालयों में समय पर भोजन नहीं मिलने और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं। इस पर शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि ने व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति तथा एंबुलेंस सेवा पर विस्तार से चर्चा हुई। पंचायत समिति सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की मांग की। बीडीओ ने स्वास्थ्य अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और सेवाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए।
पेयजल एवं स्वच्छता के मुद्दे पर सदस्यों ने गांवों में पेयजल संकट तथा गली-मोहल्लों की साफ-सफाई की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कराया। बीडीओ ने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बैठक में मनरेगा योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। कृषि एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान किसानों को समय पर बीज, खाद एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।
बैठक के अंत में बीडीओ अमित प्रताप सिंह ने कहा कि पंचायत समिति की बैठक जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने का सशक्त मंच है। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने का निर्देश दिया।
