ब्यूरो रिपोर्ट
बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र में गुरुवार (25 दिसंबर) को सीबीआई और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान भागलपुर जिले के नवगछिया निवासी अमित कुमार सिंह उर्फ राकेश कुमार के रूप में हुई है, जो बीते कई वर्षों से अपनी पहचान बदलकर जांच एजेंसियों को चकमा दे रहा था।

सीबीआई, ईओ-III, नई दिल्ली में वर्ष 2015 में दर्ज हाई-प्रोफाइल मामले (RC नंबर 221/2015/E0003) में अमित कुमार सिंह उर्फ राकेश कुमार वांछित था। आरोप है कि उसने अपने सहयोगी सैयद मेहराज और अन्य साथियों के साथ मिलकर ‘M/s सोफिया विलियम्स लोन फर्म, यूके’ के नाम से फर्जी कंपनी बनाकर ठगी की साजिश रची।
जांच के अनुसार, आरोपियों ने केरल के त्रिवेंद्रम निवासी आई.वी. सदानंदन को 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर का लोन दिलाने का झांसा दिया। ठगी को अंजाम देने के लिए अमित उर्फ राकेश ने कभी खुद को RBI अधिकारी, कभी CBI अफसर, तो कभी ब्रिटिश पुलिस का अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया और विश्वास में लिया। अक्टूबर–नवंबर 2012 के दौरान पीड़ित से कुल 3,46,000 रुपये की ठगी की गई।
मामले में 30 दिसंबर 2016 को चार्जशीट दाखिल की गई थी, लेकिन अभियुक्त अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। लगातार फरार रहने और पहचान बदलने के कारण 16 दिसंबर 2019 को नई दिल्ली स्थित ACMM, RADC कोर्ट ने उसे धारा 82 Cr.P.C. के तहत भगोड़ा (Proclaimed Offender) घोषित कर दिया था।
मामले की पुष्टि करते हुए बांका एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने बताया कि सीबीआई को मिली सटीक सूचना के आधार पर रजौन थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार एवं पुलिस बल के सहयोग से रजौन के एक नामचीन लाइन होटल से अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल सीबीआई उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
