ब्यूरो रिपोर्ट
रजौन,बांका:
प्रखंड क्षेत्र के पुनसिया बाजार निवासी और शेरे बिहार लाइटिंग सम्राट के नाम से विख्यात हास्य कलाकार व रंगमंच कर्मी राघव केशरी का गुरुवार की देर रात करीब 11:30 बजे हृदयाघात से निधन हो गया। वे 65 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर मिलते ही परिजनों समेत पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

दिवंगत राघव केशरी अपने पीछे पत्नी नीलम देवी, एक पुत्र तथा तीन पुत्रियों को छोड़ गए हैं। वे रंगमंच के हास्य कलाकार होने के साथ-साथ लाइटिंग कला में अपनी विशिष्ट पहचान रखते थे। वर्ष 1990 से उन्होंने नाटक एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मंच लाइटिंग की जिम्मेदारी संभाली। उनकी लाइटिंग व्यवस्था और उसे प्रस्तुत करने की अनोखी शैली दर्शकों को हमेशा आकर्षित करती थी।
राघव केशरी ने पूर्वी बिहार के प्रसिद्ध मंदार महोत्सव में लगातार दस वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। इसके अलावा बासुकीनाथ धाम में महाशिवरात्रि के अवसर पर निकलने वाली झांकियों की लाइटिंग व्यवस्था भी उन्होंने करीब दस वर्षों तक संभाली। भगवान शिव के परम भक्त राघव केशरी ने अपनी कला से अर्जित धन से पुनसिया बाजार स्थित अपने घर के सामने बाबा दुखहरण नाथ का एक भव्य मंदिर भी स्थापित कराया।
नाटक के मंचन का प्रचलन कम होने के बाद उन्होंने अपने इकलौते पुत्र सूरज कुमार केशरी के साथ मिलकर भक्ति जागरण, आर्केस्ट्रा म्यूजिकल ग्रुप और इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में कार्य करना शुरू किया था। उनकी एक पुत्री चांदनी केशरी रजौन बीआरसी में डाटा ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं।
दिवंगत कलाकार का अंतिम संस्कार शुक्रवार की संध्या भागलपुर के बरारी श्मशान घाट पर किया गया। उनके निधन से सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
