ब्यूरो रिपोर्ट
बिहार के मुजफ्फरपुर में भाजपा विधायक केदार प्रसाद गुप्ता के निजी सहायक विनोद दास को गोली लगने की घटना में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि विनोद दास को गोली किसी हमलावर ने नहीं, बल्कि एक शादी समारोह में हुई हर्ष फायरिंग के दौरान लगी थी।

एसएसपी सुशील कुमार ने शनिवार को बताया कि घायल विनोद ने पुलिस को शुरू में भ्रामक बयान दिया था। उन्होंने दावा किया था कि शादी समारोह से लौटते समय अज्ञात अपराधियों ने उन्हें रोककर गोली मार दी और फरार हो गए। हालांकि, एफएसएल रिपोर्ट ने इस दावे को गलत साबित कर दिया। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि गोली ऊपर से नीचे की दिशा में चली थी और अवैध हथियार का उपयोग किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के समय विनोद दास के साथ तीन अन्य लोग मौजूद थे। हथियार को कॉक करते समय लापरवाही से गोली चल गई, जिससे विनोद घायल हो गए। पुलिस ने सभी संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
घटना के बाद विनोद दास को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुरुआती बयान के आधार पर विधायक केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा था कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन अब नए खुलासे के बाद मामला पूरी तरह बदल गया है।
