बांका में साइबर ठगों पर बड़ी कार्रवाई, सात गिरफ्तार — WIN ADDA एप के माध्यम से करते थे ठगी
बांका, 8 नवंबर 2025:
बांका/अंग एक्सप्रेस। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बांका पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए जहां प्रशासन लगातार निगरानी में जुटा है, वहीं साइबर अपराधियों पर भी पुलिस का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। इसी क्रम में बांका साइबर थाना की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग एप WIN ADDA के माध्यम से ठगी करने वाले सात साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।
पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में साइबर थाना और बांका थाना की संयुक्त टीम शामिल थी। शनिवार को साइबर थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस उपाधीक्षक-सह-थानाध्यक्ष अनूपेश नारायण ने बताया कि विधानसभा चुनाव को भयमुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिले में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि कटोरिया थाना क्षेत्र के कांड संख्या 230/23 के फरार अभियुक्त बैधनाथ यादव बांका नगर क्षेत्र के जगतपुर मोहल्ले में अपने साथियों के साथ मिलकर ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क चला रहा है।

सूचना के आधार पर पुलिस ने जब जगतपुर वार्ड संख्या 6 स्थित एक मकान पर छापेमारी की, तो पुलिस को देखते ही एक युवक छत से कूदकर भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन पुलिस ने उसे घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने छह साथियों के साथ मिलकर WIN ADDA गेमिंग एप के माध्यम से साइबर ठगी करता है। तत्पश्चात पुलिस ने मौके से सभी छह साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने उनके ठिकाने से एक लैपटॉप, 15 मोबाइल फोन, 13 एटीएम कार्ड, 27 सिम कार्ड, दो आधार कार्ड और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। पुलिस ने बताया कि ये सभी आरोपी लंबे समय से लोगों को ऑनलाइन गेम और इनाम के नाम पर ठग रहे थे। पूछताछ में अपराधियों ने कबूल किया कि वे WIN ADDA ऐप पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को गेम खेलने, इनाम जीतने या नौकरी मिलने का झांसा देते थे। उसके बाद लिंक या कोड भेजकर पीड़ितों के मोबाइल और बैंक खातों की जानकारी हासिल कर पैसे उड़ा लेते थे।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान बैधनाथ कुमार, विकास कुमार, दिलीप कुमार, चंद्रशेखर यादव, प्रदीप कुमार, मनीश कुमार — सभी बांका जिले के निवासी और चंदन कुमार — देवघर (झारखंड) निवासी के रूप में की गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इनके गिरोह के अन्य सदस्य कहां सक्रिय हैं और अब तक कितने लोगों को ठगा गया है।
तकनीकी टीम इन अपराधियों के मोबाइल, लैपटॉप और एटीएम कार्ड की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके नेटवर्क की पहुंच किन-किन राज्यों तक है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये गिरोह बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है।
छापेमारी टीम में डीएसपी-सह-थानाध्यक्ष अनूपेश नारायण, कटोरिया थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार, पु.नि. ओमप्रकाश, पु.नि. संदीप आनंद, तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि —
“बांका पुलिस जिले में पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही है। चुनावी अवधि में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार के अपराधी — चाहे साइबर ठगी से जुड़े हों या अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त — बख्शे नहीं जाएंगे।”
इस कार्रवाई से बांका में अपराधियों में हड़कंप मच गया है, जबकि आम जनता में पुलिस के प्रति भरोसा और बढ़ा है। चुनाव से ठीक पहले पुलिस की इस सटीक कार्रवाई ने प्रशासन की सक्रियता और सजगता को प्रदर्शित किया है। यह कार्रवाई न सिर्फ एक संगठित साइबर गिरोह के पर्दाफाश की मिसाल बनी, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि बांका पुलिस किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हर समय तैयार है।
(अंग एक्सप्रेस न्यूज़ | बांका संवाददाता)
