धोरैया-पंजवारा स्टेट हाईवे पर सड़क हादसे के बाद बवाल
परिजनों ने शव रखकर किया सड़क जाम, हत्या का लगाया आरोप — चार घंटे बाद खुला जाम
धोरैया (बांका) । धोरैया-पंजवारा स्टेट हाईवे पर गुरुवार देर शाम हुई सड़क दुर्घटना में दो युवकों की मौत के बाद शुक्रवार की सुबह लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने रामकोल गांव के समीप दोनों शवों को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और जाम लगा दिया। करीब चार घंटे तक जाम रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

आक्रोशित परिजन मृतकों की मौत को सड़क हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बता रहे थे। उनका कहना था कि गांव के कुछ लोगों ने साजिश के तहत पिकअप वैन से दोनों युवकों — संतोष कुमार और सोनू कुमार — को कुचल दिया।
सूचना मिलते ही धोरैया और पंजवारा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। धोरैया थानाध्यक्ष अमित कुमार, पंजवारा थानाध्यक्ष चंदन कुमार, सीओ श्रीनिवास कुमार सिंह और बीडीओ अरविंद कुमार ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद दोपहर करीब दो बजे जाकर जाम हट सका।

इस दौरान रणगांव पंचायत की मुखिया मीना देवी ने मृतकों के परिजनों को कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन-तीन हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की।
परिजनों ने आवेदन देकर आरोप लगाया है कि मृतकों का कुछ दिन पूर्व गांव के ही राजीव कुमार, संजीव कुमार, फंटूस कुमार, किशोर कुमार, छंगुरी यादव और मोती यादव से विवाद हुआ था। उनका कहना है कि इन्हीं लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
- परिजनों ने यह भी दावा किया कि मार्च 2024 में भी इन्हीं आरोपियों ने गांव के एक युवक की हत्या की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण उनका मनोबल बढ़ गया।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
