ब्यूरो रिपोर्ट,
भागलपुर,बिहार:
खरीक और बिहपुर प्रखंड अंतर्गत नरकटिया जमींदारी बांध पर गंगा नदी का कटाव लगातार तेज़ होता जा रहा है, जिससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल बना हुआ है। कटाव की चपेट में आने से नरकटिया गांव के कई घरों के गंगा में विलीन होने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

स्थानीय प्रशासन और संवेदकों की निगरानी में बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। फ्लड फाइटिंग के संवेदक एवं मुखिया प्रतिनिधि लालु कुमार उर्फ लाली मुखिया ने बताया कि कटाव को नियंत्रित करने के लिए बालू से भरे बोरे, बांस, बल्ला और वृक्ष की टहनियों का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “पहले की तुलना में स्थिति अब नियंत्रण में है, और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, लगभग चार-पांच दिन पहले गंगा के जलस्तर में गिरावट के बाद रविंद्र ठाकुर और शैलेंद्र राय के बगीचे के पास से कटाव शुरू हुआ था। इसकी जानकारी मिलते ही संवेदक लाली मुखिया ने तत्काल मजदूरों के साथ राहत कार्य शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस बार यदि बांध पर पुख्ता कार्य हो गया तो भविष्य में इस क्षेत्र को बार-बार होने वाले कटाव से राहत मिल सकती है।
