ब्यूरो रिपोर्ट,
भागलपुर, बिहार:
महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर भाकपा–माले महासचिव कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य के नेतृत्व में पार्टी की एक उच्चस्तरीय टीम ने पीरपैंती क्षेत्र का दौरा किया। यह दौरा उस विवादास्पद पावर प्रोजेक्ट के विरोध में किया गया, जिसके तहत अदानी समूह को मात्र 1 रुपये की दर से 1050 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि सौंपे जाने की बात सामने आई है।

दौरे की शुरुआत तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के गांधी विचार विभाग में गांधी जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि देने से हुई। इसके बाद पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित किसानों और ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझा।

कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि यह परियोजना स्थानीय खेती, आम के बागानों और ग्रामीण जीवन पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अदानी का पावर प्रोजेक्ट न तो नया रोज़गार देगा, और न ही क्षेत्र के विकास में सहायक होगा, बल्कि मौजूदा हजारों रोजगार छीन लेगा और इलाके की ज़मीन, हवा और पानी को प्रदूषित कर देगा।

स्थानीय किसानों ने बताया कि उन्हें ज़मीन खाली करने को मजबूर किया जा रहा है, लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं, और विरोध करने पर भाजपा नेताओं द्वारा जेल में डालने की धमकियां दी जा रही हैं।भाकपा-माले नेताओं ने चेताया कि इस परियोजना के तहत करीब 10 लाख पेड़ों की कटाई होगी और बड़ी संख्या में ग्रामीणों को जबरन विस्थापित किया जाएगा। यह न सिर्फ पर्यावरण, बल्कि बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर हमला है।

दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि यह खुला घोटाला है और भाकपा-माले इसे राज्य स्तर पर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी NTPC और अदानी पावर प्रोजेक्ट के बीच शर्तों, मुआवजा नीति, पुनर्वास की प्रक्रिया और दमन के सभी पहलुओं को उजागर करेगी।इस मौके पर पार्टी के घोषी विधायक रामबली सिंह यादव, पूर्व विधायक मनोज मंजिल, AICCTU के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसके शर्मा, जिला सचिव महेश यादव, राजद नेता संजय रजक, सामाजिक न्याय आंदोलन के रिंकू यादव सहित कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।

गांधी जयंती के दिन यह दौरा पीरपैंती में ज़मीन की रक्षा, किसानों के हक और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नए जनसंघर्ष का संकल्प बनकर सामने आया है।
