ब्यूरो रिपोर्ट,
पटना, बिहार:
सफाई कर्मियों के नियमितीकरण, सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने पटना स्थित ऐक्टू राज्य कार्यालय में एक अहम राज्य कार्यकारिणी बैठक की। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के राज्य अध्यक्ष आर. एन. ठाकुर ने की, जिसमें राज्यभर से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में यह आरोप लगाया गया कि नगर निगमों, परिषदों व पंचायतों में ग्रुप–डी के हजारों सफाई कर्मियों के नियमित पदों को राज्य सरकार ने समाप्त कर दिया है, जिससे इन कर्मियों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। महासंघ ने इसे मजदूर विरोधी कदम बताते हुए गहरा आक्रोश जताया।
महासंघ के राज्य महासचिव चंद्रशेखर कुमार ने कहा कि विगत दो दशकों से बिहार में एनडीए की सरकार है और नगर विकास विभाग भाजपा के पास रहा है। लेकिन इन्हीं सरकारों के कार्यकाल में नियमित पदों को खत्म कर संविदा, दैनिक मजदूरी और आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दिया गया है, जिससे दलित-महादलित समुदाय के हजारों सफाईकर्मियों का उत्थान बाधित हुआ है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सफाई कर्मियों की बहाली, नियमितीकरण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए राज्यव्यापी महाअभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत सभी निकाय स्तरों पर एनडीए सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज किया जाएगा।
इस बैठक में राज्य उपाध्यक्ष श्यामलाल प्रसाद, राज्य सचिव चंद्रकिशोर प्रसाद, मुख्तार अहमद खां, महेश दास, मनोज रविदास, श्यामबाबू कुमार, रामशंकर झा, राजेश कुमार, राजाराम और दीपक कुमार राम सहित कई जिलों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
