- इंफाल: मणिपुर में फ्री मूवमेंट रेजीम (FMR) को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच, शुक्रवार को राज्य में हिंसा भड़क गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 25 से अधिक लोग घायल हो गए। हालात को देखते हुए कई संगठनों ने शनिवार से अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान कर दिया है।
कैसे भड़की हिंसा?
मणिपुर में फ्री मूवमेंट रेजीम (FMR) को लेकर लंबे समय से विरोध चल रहा है। शुक्रवार को इंफाल घाटी और कुछ पहाड़ी इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए सड़कों पर मार्च निकाला, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर बैरिकेड लगाए और टायर जलाए। इसके जवाब में सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। इसी दौरान हुई झड़प में गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और करीब 25 लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
क्या है फ्री मूवमेंट रेजीम (FMR)?
फ्री मूवमेंट रेजीम (FMR) भारत और म्यांमार के बीच एक व्यवस्था है, जिसके तहत दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग बिना वीजा के 16 किलोमीटर तक आ-जा सकते हैं। लेकिन मणिपुर में इसे लेकर विवाद बढ़ गया है। स्थानीय समुदायों का कहना है कि इससे अवैध प्रवास और मादक पदार्थों की तस्करी बढ़ सकती है।
अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान
हिंसा के बाद, कई स्थानीय संगठनों ने शनिवार से राज्य में अनिश्चितकालीन बंद की घोषणा की है। बंद के कारण बाजार, सरकारी दफ्तर और सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए पहल की है।
स्थिति पर नजर
फिलहाल, मणिपुर में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन लगातार स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। अगर हिंसा जारी रही, तो सरकार को और कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं।