अंग Express News नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने एक बार फिर भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया है। IMF का कहना है कि भारत आने वाले वर्षों में भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत की आर्थिक वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है, जिससे देश का दबदबा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कायम है।
भारत की विकास दर बनी रहेगी तेज़
IMF के हालिया आर्थिक पूर्वानुमान के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2024-25 में 6.5% से अधिक रहने की संभावना है। यह वृद्धि दर अमेरिका, चीन और यूरोप के कई बड़े देशों से अधिक है। IMF के अनुसार, भारत की मजबूत नीतिगत संरचना, डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रगति और बुनियादी ढांचे में किए जा रहे निवेश इसकी आर्थिक मजबूती के पीछे मुख्य कारण हैं।
वैश्विक मंदी के बावजूद भारत की मजबूती
IMF ने इस बात पर जोर दिया कि भले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी के दबाव में है, लेकिन भारत की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है। अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में जहां विकास दर धीमी हो रही है, वहीं भारत की आर्थिक गतिविधियों में तेजी बनी हुई है। IMF ने भारतीय सरकार की सुधारवादी नीतियों और आत्मनिर्भर भारत अभियान जैसी पहलों की भी सराहना की।
FDI और उत्पादन क्षेत्र में उछाल
भारत में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) और विनिर्माण क्षेत्र में हो रही वृद्धि को IMF ने आर्थिक विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया है। मेक इन इंडिया और PLI (Production Linked Incentive) जैसी योजनाओं ने भारत को एक आकर्षक निवेश गंतव्य बना दिया है। IMF का मानना है कि इन नीतियों से भारत न केवल अपने विकास को बनाए रखेगा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रुपये की स्थिरता और मुद्रास्फीति पर नियंत्रण
IMF की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नीतियां रुपये की स्थिरता बनाए रखने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में कारगर साबित हो रही हैं। भले ही महंगाई एक चुनौती बनी हुई है, लेकिन सरकार और केंद्रीय बैंक के उचित हस्तक्षेप से इसे काबू में रखा जा रहा है।
नवाचार और डिजिटल क्रांति का योगदान
भारत में डिजिटल भुगतान, स्टार्टअप इकोसिस्टम और नवाचार में वृद्धि भी आर्थिक विकास का एक प्रमुख कारक है। IMF ने यूपीआई (UPI) और डिजिटल ट्रांजैक्शन्स को लेकर भारत के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि यह देश को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
निष्कर्ष
IMF की ताज़ा रिपोर्ट भारत की अर्थव्यवस्था के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करती है। मजबूत नीतियों, निवेश में बढ़ोतरी और वैश्विक मंच पर बढ़ते प्रभाव के कारण भारत आने वाले वर्षों में भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा।