- अंग Express News | भारत में ‘Make in India’ पहल के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को जबरदस्त बढ़ावा मिल रहा है। Apple, जो अब तक चीन पर भारी निर्भर था, भारत को अपने नए मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित कर रहा है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में बने Apple प्रोडक्ट्स के कुछ अहम पार्ट्स अब चीन और वियतनाम जैसे देशों को भी भेजे जा रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि भारत धीरे-धीरे ग्लोबल सप्लाई चेन में बड़ी भूमिका निभाने लगा है।
Apple का भारत में बढ़ता निवेश पिछले कुछ सालों में Apple ने भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को कई गुना बढ़ाया है। प्रमुख कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स – Foxconn, Pegatron और Wistron (जो अब Tata Group के नियंत्रण में है) – भारत में iPhones और अन्य कंपोनेंट्स का उत्पादन कर रहे है।
2023-24 में Apple ने भारत से करीब 12 अरब डॉलर के iPhones एक्सपोर्ट किए, जो पिछली तुलना में दोगुना है। साथ ही, भारत में अब न केवल iPhones असेंबल किए जा रहे हैं, बल्कि उनके कुछ कंपोनेंट्स भी यहां बनाए जा रहे हैं, जो अन्य देशों को एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं।
- चीन से दूरी, भारत की ओर झुकाव Apple की यह रणनीति चीन पर अपनी निर्भरता को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध और सप्लाई चेन में व्यवधान के कारण Apple वैकल्पिक मैन्युफैक्चरिंग हब की तलाश कर रहा था, जिसमें भारत सबसे आगे उभरा है।
- भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और सरकारी समर्थन
- Apple को भारत में उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार की Production Linked Incentive (PLI) योजना का भी बड़ा फायदा मिला है। इस स्कीम के तहत, Apple और उसके सप्लायर्स को भारी सब्सिडी दी जा रही है, जिससे वे यहां निवेश करने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं।
- इसके अलावा, भारत में श्रम लागत चीन की तुलना में कम है, और तेजी से विकसित होते इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण विदेशी कंपनियों के लिए यह एक आकर्षक डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।
- भारत से एक्सपोर्ट हो रहे कंपोनेंट्स
- भारत अब केवल iPhones असेंबल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि कुछ महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स – जैसे कैमरा मॉड्यूल, बैक पैनल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक चिप्स – भी यहीं बनाए जा रहे हैं और अन्य देशों को भेजे जा रहे हैं। इससे भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई ऊंचाइयां मिल रही हैं।
- भविष्य में क्या?
- Apple की दीर्घकालिक योजना भारत को अपनी सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग बेस में बदलने की है। आने वाले वर्षों में iPads और MacBooks जैसे उत्पाद भी यहां बनने की संभावना है।
- निष्कर्ष
- भारत का तेजी से बढ़ता मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ‘Make in India’ के विजन को मजबूत कर रहा है। Apple जैसी कंपनियों का भारत में निवेश बढ़ाना न केवल आर्थिक विकास के लिए अच्छा है, बल्कि यह भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग सुपरपावर बनाने की दिशा में एक अहम कदम भी है।